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Who is CP Radhakrishnan: RSS से कनेक्शन, दो राज्यों के गवर्नर... कौन हैं CP राधाकृष्णन? NDA ने बनाया उप राष्ट्रपति कैंडिडेट, इस वजह से बने BJP की पसंद

सीपी राधाकृष्णन को NDA ने उपराष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवार बनाया है. बीजेपी की संसदीय दल की मीटिंग में महाराष्ट्र के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन के नाम पर मुहर लगी. पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने 21 जुलाई को स्वास्थ्य का हवाला देते हुए इस्तीफा दे दिया था.

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उपराष्ट्रपति के NDA उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन उपराष्ट्रपति के NDA उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन
हाइलाइट्स
  • सीपी राधाकृष्णन NDA के उपराष्ट्रपति कैंडिडेट

  • महाराष्ट्र के राज्यपाल हैं राधाकृष्णन

महाराष्ट्र के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन भारत के अगले उप राष्ट्रपति हो सकते हैं. उप राष्ट्रपति के लिए सीपी राधाकृष्णन को NDA का उम्मीदवार बनाया है. भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राधाकृष्णन के नाम का ऐलान किया. रविवार को हुई भाजपा संसदीय दल की मीटिंग में महाराष्ट्र के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन के नाम पर मुहर लगी. इस मीटिंग में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह समेत कई बड़े नेता थे.

भारत के पूर्व उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के इस्तीफे के बाद पद खाली हुआ था. जगदीप धनखड़ ने स्वास्थ्य का हवाला देते हुए 21 जुलाई को उप राष्ट्रपति के पद से इस्तीफा दिया था. जगदीप धनखड़ साल 2022 में भारत के उप राष्ट्रपति बने थे लेकिन अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर पाए. बीजेपी ने उप राष्ट्रपति पद के लिए सीपी राधाकृष्णन को NDA का कैंडिडेट बनाया है. बीजेपी की वरिष्ठ नेता राधाकृष्णन देश के उप राष्ट्रपति पद की रेस में सबसे आगे हैं. 

कौन हैं सीपी राधाकृष्णन?

सीपी राधाकृष्ण राष्ट्रीय स्वयं सेवक (RSS) से जुड़े रहे. इस समय राधाकृष्णन महाराष्ट्र के गवर्नर हैं. महाराष्ट्र के राज्यपाल के रूप में राधाकृष्णन 31 जुलाई 2024 को शपथ ली. महाराष्ट्र के राज्यपाल से पहले सीपी राधाकृष्णन झारखंड के भी राज्यपाल रह चुके हैं. राधाकृष्णन 1 साल से ज्यादा समय तक झारखंड के राज्यपाल रहे थे. अब सीपी राधाकृष्णन को उप राष्ट्रपति पद के लिए बीजेपी हाईकमान ने एनडीए का उम्मीदवार बनाया है.

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  • 20 अक्टूबर 1957 को तमिलनाडु के तिरुप्पुर में पैदा हुए. महाराष्ट्र के राज्यपाल ने बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में स्नातक की उपाधि प्राप्त की. 
  • राधा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सदस्य रहे हैं और 1974 में भारतीय जनसंघ की राज्य कार्यकारी समिति के सदस्य रहे।
  • झारखंड के राज्यपाल बनने से पहले उन्होंने 2004 से 2007 के बीच तमिलनाडु में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में भी काम किया। उस दौरान उन्होंने 93 दिन की 19 हजार किमी. लंबी रथ यात्रा निकाली थी.
  • सीपी राधाकृष्णन कोएंबटूर से दो बार लोकसभा चुनाव जीते और सांसद बने. राधाकृष्णन 2004 में पालियामेंट्री डेलिगेशन का हिस्सा भी थे जो यूएन जनरल असेंबली गया था.
  • साल 2023 में सीपी राधाकृष्ण को झारखंड का राज्यपाल बनाया गया. 2024 में महाराष्ट्र के राज्यपाल बने. साथ में उनको तेलंगाना के राज्यपाल और पोंडिचेरी के उप राज्यपाल की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी दी गई थी.
  • राजनीतिक लाइफ को छोड़ दें तो राधाकृष्णन टेबल टेनिस में कॉलेज चैंपियन और लंबी दूरी के एथलीट भी रहे हैं. उन्हें क्रिकेट और वॉलीबॉल का भी शौक है.
  • सीपी राधाकृष्णन लगभग चार दशक से देश की राजनीति में एक्टिव हैं. तमिलनाडु की राजनीति से केन्द्र की पॉलिटिक्स तक पहुंचे हैं. अब बीजेपी ने उनको उपराष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवार बनाया है.

राधाकृष्णन ही क्यों?

एनडीए की ओर से उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के लिए कई नाम रेस में थे लेकिन बीजेपी आला कमान ने सी.पी. राधाकृष्णन पर भरोसा जताया है. इसके पीछ राधाकृष्णन की सिर्फ योग्यता नहीं है. सी.पी. राधाकृष्णन को एनडीए की ओर उपराष्ट्रपति कैंडिडेट बनाने के पीछे कई रणनीतिक और राजनीतिक कारण हैं.

तमिलनाडु कनेक्शन- सीपी राधाकृष्णन तमिलनाडु से ताल्लुक रखते हैं. राधाकृष्णन तमिलनाडु में बड़े नामों में गिने जाते हैं. लोग उनका सम्मान करते हैं. दक्षिण भारत में भाजपा हमेशा से कमजोर रही है. दशकों से बीजेपी साउथ को साधने की कोशिश में लगी हुई है. सीपी राधाकृष्णन को उपराष्ट्रपति उम्मीदवार बनाने से ये संदेश जाएगा कि भाजपा दक्षिण भारत का भी प्रतिनिधित्व करती है. भाजपा इस चुनाव के लिए तमिलनाडु में पकड़ बनाने की जुगत में है.

RSS से जुड़ाव- सी.पी. राधाकृष्णन लंबे समय से आरएसएस से जुड़े रहे हैं. उन्होंने तमिलनाडु में संगठन में सक्रिय रूप से काम किया है. राधाकृष्णन को राजनीति और संगठन में लंबा अनुभव है. उन पर कोई घोटाला या भ्रष्टाचार का दाग नहीं है. भाजपा ऐसे शख्स को उप राष्ट्रपति पद पर लाना चाहती है जिसकी छवि एकदम साफ हो. इसके लिए भाजपा हाईकमान ने सी.पी. राधाकृष्णन को चुना.

मोदी शाह की मंजूरी- उपराष्ट्रपति चुनाव में एनडीए की जीत पक्की मानी जा रही है. संख्या बल में एनडीए को कोई समस्या नहीं होगी. विपक्ष चुनाव के दौरान टकराव कर सकती थी. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने ऐसे शख्स को उम्मीदवार चुना है जिस पर विपक्ष ज्यादा हमले नहीं कर पाएगी. साफ छवि पर राधाकृष्णन पर टकराव होने के उम्मीद कम है. बीजेपी हाईकमान ने ये भी साफ कर दिया है कि अगर संगठन में अच्छा काम करोगे तो उसका फल जरूर मिलेगा.

कब होंगे चुनाव?

उपराष्ट्रपति पद के लिए 9 सितंबर को चुनाव होना है. चुनाव आयोग ने इसका नोटिफिकेशन जारी कर दिया है. उपराष्ट्रपति पद के लिए नामांकन करने का आखिरी तारीख 21 अगस्त है. इसके बाद 22 अगस्त को कैंडिडेट के दस्तेवाजों की जांच की जाएगी. एनडीए ने उपराष्ट्रति पद के लिए अपने उम्मीदवार का ऐलान कर दिया है. विपक्ष ने अभी तक उपराष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवार का ऐलान नहीं किया है.